मुझे अपनी शरण में ले श्याम

मुझे अपनी शरण में ले श्याम

(भजन)


मुझे अपनी शरण में ले श्याम,
मैं आया तेरे धाम।
बड़ी दूर से, आस लगा के,
आया नहीं कोई छाया।
मुझे अपनी शरण में ले श्याम।

अब आके तेरा धाम न जाऊ खाली हाथ,
मुझे अपनी शरण में ले।
मुझे अपनी शरण में ले श्याम।

मैं भटका बहुत जगत में,
अब आया तेरे पास।
तू ही है जीवन का आधार,
बस तुझ पे पूरा विश्वास।

मुझे अपनी शरण में ले श्याम,
मैं आया तेरे धाम।
बड़ी दूर से, आस लगा के,
आया नहीं कोई छाया।

तेरा नाम है जीवन का दीपक,
तेरा नाम है हर सांस।
बस एक तू ही है सहारा,
तुझमें है सारा विश्वास।

मुझे अपनी शरण में ले श्याम,
मैं आया तेरे धाम।
बड़ी दूर से, आस लगा के,
आया नहीं कोई छाया।
मुझे अपनी शरण में ले श्याम।

मुझे अपनी शरण में ले श्याम

मुझे अपनी शरण में ले श्याम,
मैं आया तेरे धाम।
तेरे चरणों की शीतल छाया,
मिटाए जीवन का सारा अंधकार।
दूरी का हर दर्द भुला के,
आया मैं तुझसे आस लगा के।
बड़ी दूर से पुकार कर आया,
अब तो मुझे अपना बना ले श्याम।

तू ही मेरे जीवन का आधार है,
तेरे बिन सब कुछ बेकार है।
मैंने हर द्वार खटखटाया,
लेकिन सुकून कहीं और न पाया।
अब मैं तेरे चरणों में झुका,
अपने पापों का बोझ ले आया।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

तेरे दर पर जो आता है,
वो खाली हाथ कभी न जाता है।
मैं तेरा ही नाम जपता रहा,
हर मुश्किल में तेरा सहारा पाया।
अब आके तेरा धाम न जाऊं खाली हाथ,
तेरा ही नाम है मेरे सांसों की बात।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

मैं भटका बहुत इस जगत में,
तेरे बिना कोई नहीं अपने में।
दुनिया की राहों में अंधेरा ही अंधेरा,
बस तेरा नाम ही देता उजाला घेरा।
अब आया मैं तेरे पास,
तू ही है मेरी हर आस।
श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

तू मुरली की मधुर धुन बजा,
मेरे हृदय को शांति दिला।
हर दुख-दर्द को दूर कर,
अपनी कृपा से जीवन सुधार।
तुझ पर ही मेरा पूरा विश्वास है,
तेरा नाम ही मेरे जीने का सार है।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

मैं तेरे रंग में रंग जाऊं,
हर पल तेरा भजन गाऊं।
तेरी लीला अपरंपार है,
तेरा हर स्वरूप निराकार है।
जग के मोह को त्याग कर,
तुझसे ही प्रीत लगाऊं।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

तेरी मुरली की धुन जब बजती,
हर दिशा प्रेम में रंग जाती।
तेरे नाम की महिमा इतनी निराली,
हर भक्त के दिल में बसती है सवाली।
अब मैं तुझसे कुछ भी न मांगू,
बस तेरा दर्शन पा लूं।
श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

तेरे दर पर जो सिर झुकाता है,
उसका जीवन सुधर जाता है।
हर कष्ट उसका मिट जाता है,
तेरी कृपा से जीवन खिल जाता है।
अब तो मुझे भी अपनी शरण दे,
मेरे जीवन का हर अंधेरा हर ले।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।

तेरे चरणों में है सारा सुख,
तेरा नाम ही है सच्चा मुख।
संसार के हर झूठे बंधन से,
मुझे मुक्त कर दे, हे श्याम।
तू ही सच्चा सहारा है,
तेरे बिना कोई न हमारा है।
हे श्याम, मुझे अपनी शरण में ले।




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