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तेरे वास्ते ओ कान्हा, तेरे वास्ते ओ कान्हा
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया
मैं तेरे द्वार आया, तेरे द्वार आया
तेरे सिवा मुझको कोई ना भाया कान्हा, कोई ना भाया
मैं सब छोड़ आया।
तेरे बंसी की धुन सुन, मैं खो सा गया
दिल की हर गली में, तेरा नाम बस गया।
जग से बेमानी अब हर रिश्ता लगा,
बस तेरे चरणों का सहारा मुझे भा गया।
तेरे लिए ओ कान्हा, हर दर्द अपनाया,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
गोकुल के गलियारों में, तेरा नाम गूँजे
राधा की हर धड़कन, तेरी मुरली को पूजे।
मैंने भी वो प्रेम तेरे लिए अपनाया,
मिटा दीं हर इच्छाएँ, सब कुछ त्याग आया।
तेरे लिए ओ कान्हा, सब कुछ लुटाया,
तेरे द्वार आया कान्हा, तेरे द्वार आया।
तेरी लीला अपार है, तेरा खेल निराला
तू है मोहन प्यारा, तू है सबसे न्यारा।
तुझमें ही जीवन का हर संगीत मिला,
तेरे नाम से ही मेरा हर मीत मिला।
तेरे बिना जीवन सूना-सूना सा लगे,
तेरे लिए सब मोह बंधन मैंने त्यागा।
तेरे चरणों की धूल मेरी तकदीर बनी
तेरे प्रेम की डोरी मेरी तक़दीर तनी।
तेरा नाम ही माला, तेरा नाम ही पूजा,
तेरे दर्शन से हर पीड़ा मैंने हर ली।
तेरे बिन कोई आराध्य मुझे ना भाया,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
जग के बंधनों से मैंने खुद को छुड़ाया
तेरे संग लगन में मैंने जीवन सजाया।
तुझमें है गहराई, तुझमें है मिठास,
तुझसे ही सजी है ये जीवन की किताब।
तेरे लिए हर सपना मैंने कुर्बान किया,
तेरे द्वार आया कान्हा, तेरे द्वार आया।
तेरी लीला अपरंपार, तू है जग का आधार
हर जीव तेरे नाम का करता जयकार।
मैंने भी उस जयकार का हिस्सा बनाया,
तेरी माया के रंग में खुद को रंगाया।
तेरे प्रेम में खोकर मैंने चैन पाया,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
तेरी मुरली की धुन मेरी रूह में बसती
हर स्वर में तेरी लीला मुझे दिखाई देती।
तेरा नाम ही मेरा धर्म और कर्म है,
तेरा नाम ही सच्चाई का मर्म है।
तेरे चरणों का स्पर्श मेरी मंज़िल है,
तेरे लिए हर दुख मैंने सरल बना लिया।
राधा के प्रेम की तरह, मैं तुझमें रंगा
तेरी कृपा से ही हर दर्द मैंने भुला।
तेरा नाम लेते ही हर खुशी मिलती,
तेरी भक्ति में ही सच्चाई दिखती।
तेरे लिए हर तप मैंने अपनाया,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
कान्हा, तेरी मुरली का जादू गजब है
हर साज तुझमें मिल जाए, ये मेरा रब है।
तेरे लिए हर बंधन को मैंने तोड़ा,
तेरी भक्ति में हर दुःख मैंने छोड़ा।
तेरे प्रेम की डोरी से बंधा ये जीवन,
तुझमें ही देखा मैंने असली स्वर्ग।
तेरे बिना जीवन अधूरा सा लगे
तेरे बिना हर सपना अधूरा सा जगे।
तू ही जीवन का संगीत है,
तू ही मेरी आत्मा का मीत है।
तेरे प्रेम के बिना कुछ भी नहीं भाया,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
तेरी छवि ने मन को मोह लिया
तेरे दर्शन ने हृदय को शुद्ध कर दिया।
तुझमें है करुणा, तुझमें है मिठास,
तू है हर प्रेम का सच्चा एहसास।
तेरे बिना हर आशा अधूरी लगे,
तेरे प्रेम में हर दूरी सिमट जाए।
तेरे लिए हर खुशी मैंने कुर्बान की
तेरी मुरली की धुन ने हर आस जगाई।
तेरे चरणों में मिल जाए मुझे ठिकाना,
तेरी भक्ति ही है मेरा असली खजाना।
तेरे सिवा कुछ भी अब नहीं चाहिए,
सब छोड़ आया कान्हा, सब छोड़ आया।
ओ कान्हा, तेरी कृपा से जीवन सजा
तेरी भक्ति में हर पल बसा।
तेरे लिए हर गम खुशी में बदल गया,
तेरे बिना मेरा कुछ भी नहीं बचा।
तेरी महिमा अपरंपार, तेरी कृपा असीम,
तेरे नाम का ही है हर तारण का मर्म।

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