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कृष्ण भजन: तुम संग जबसे जोड़ा नाता
अंतरा 1:
तुम संग जबसे जोड़ा नाता,
प्रभु तुम बिन कुछ नहीं भाता।
हर पल तेरा नाम जपूँ मैं,
मन मंदिर में बसते हो कृष्ण।
तेरी बंसी की मधुर तान,
जग को देती अमृत समान।
तेरे चरणों में सुख पाए,
तू ही सत्य, तू ही ज्ञान।
मुखड़ा:
श्री कृष्ण, मोहन, श्याम मुरारी,
तेरे बिना दुनिया है सूनी सारी।
राधा के प्यारे, मुरली बजैया,
मन को मोह ले तेरी माया।
अंतरा 2:
यमुना के तीरे जब तुम नाचे,
गोपियों संग प्रेम के गाथे।
कान्हा, तेरा नाम जो गाए,
उसके जीवन में हरष समाए।
तेरी लीला अनमोल है कान्हा,
संसार तेरा रंगमंच है माधव।
हर भक्त तेरे दर पर झुके,
तेरा आशीष जीवन सवारे।
मुखड़ा:
श्री कृष्ण, मोहन, श्याम मुरारी,
तेरे बिना दुनिया है सूनी सारी।
राधा के प्यारे, मुरली बजैया,
मन को मोह ले तेरी माया।
अंतरा 3:
राधे-राधे जो भी पुकारे,
उस पर कृपा सदा तुम्हारी।
माखन चोर, नंद के दुलारे,
तेरा नाम है अमृत प्याला।
संघर्ष में भी तू साथ है कान्हा,
तेरी कृपा से कटे अंधियारा।
जीवन नैया पार लगेगी,
तेरे दर्शन से सब सुख पाएंगे।
मुखड़ा:
श्री कृष्ण, मोहन, श्याम मुरारी,
तेरे बिना दुनिया है सूनी सारी।
राधा के प्यारे, मुरली बजैया,
मन को मोह ले तेरी माया।
अंतिम पंक्तियाँ:
तेरी बंसी का जादू सारा,
प्रभु, तेरी लीला अपरंपारा।
तुम संग जबसे जोड़ा नाता,
प्रभु तुम बिन कुछ नहीं भाता।
यह भजन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं, उनकी मुरली की मिठास, और उनकी अनमोल कृपा का वर्णन करता है। इसे भक्ति भाव से गाया जा सकता है। 🙏

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