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तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा, तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा,
सुध बुध सब भूलधि कान्हा, तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा,
सुध बुध सब भूलधि कान्हा, तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा,
रातो को निंद ना आई कान्हा दिनको चैन ना आए
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा, तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा,
करने को कुछ में जाति कान्हा केर कुछ में आती कान्हा
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा, तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा
भूल गई सब कुछ तेरे प्यार में कान्हा तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा,
सुध-बुध सब खो बैठी कान्हा।
हर सांस में तेरा ही नाम बसा,
दिल में तेरी मुरली की धुन रचा।
रातों को नींद न आई कान्हा,
दिन को भी चैन न आए कान्हा।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
तेरा रूप निहारूं हर पल,
तेरे बिना लगे जीवन निर्मल।
तेरी बंसी की मीठी तान,
जगाए हृदय में प्रेम का गान।
अब तो हर ओर बस तू ही तू,
तेरी लीला में खोई मैं पूर्ण रूप से।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
करने को कुछ भी मन न करे,
बस तुझसे मिलने को जी ये तड़पे।
तेरी मुरली की धुन है जादू भरी,
जो मोह ले हर किसी की नजर।
मैं तो भूल गई जग का हर बंधन,
तेरे प्यार ने बना दिया अंजन।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
तेरा नाम जपती हूं हर सांस में,
तेरा ही चेहरा बसता है हर आस में।
अब दुनिया का कोई आकर्षण न भाए,
बस तेरा ही प्यार मुझे बहलाए।
तू ही है मेरा जीवन आधार,
तेरे बिना सब है बेकार।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
तेरे रंग में रंग गई मैं कान्हा,
हर खुशी को तेरे चरणों में पाया।
भूल गई सबकुछ तेरे प्यार में,
तेरी मुरली की धुन में बस खो गई।
अब तो बस एक ही चाह,
तेरे संग जीवन बिते हर राह।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
रातों को चांदनी में तुझे देखूं,
दिन में सूरज की किरणों में तुझे खोजूं।
हर तरफ तू ही तू नजर आता है,
तेरा प्यार मुझे हर पल बुलाता है।
अब न मुझे और कुछ चाहिए,
बस तेरी शरण मुझे सुकून दे।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।
तेरे चरणों की धूल भी है अमूल्य,
तू है मुरलीधर, तू है जीवन मूल।
तेरा नाम हर पल लूं जुबां से,
तेरे दर्शन की आस लगी इस जहां से।
मेरे दिल की हर धड़कन में तू है,
तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा है।
तेरे प्रेम में हो गई दीवानी कान्हा।

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