आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें

 आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें,

श्री श्याम प्रेमियों से मिलने मिलाने आये….

(तर्ज – वो दिल कहा से लाऊ)

ऐसा सुनेहरा मौका, शायद दिखे दोबारा,

श्री श्याम की कृपा से, देखा है ये नज़ारा,
ये प्यार सांवरे का, सबकी समझ ना आये,
आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें….

शहनाई बज रही है, वो मुरली बजा रहा है,
सब श्याम प्रेमियों को, बाबा बुला रहा है,
झोली भरेगी सबकी, जैसी जो अर्ज़ी लाये,
आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें….

ऊँगली पकड़ के जिनकी, हमने ये राह पाई,
गुरु ‘कशीराम’ जी से, हमने ये प्रीत पाई,
बीता वो हर नज़ारा, हमको वो याद आये,
आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें….

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