संदेश

कभी राम बनके, कभी श्याम बनके

पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे

मेरे बांके बिहारी लाल

यशोदा का नंदलाला, ब्रिज का उजाला है, मेरे लाल से तो सारा जग झिलमिलाए।

ज़रा इतना बता दे कान्हा तेरा रंग काला क्यों

छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल

आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें

तेरे सिवा ना हो कोई, दिल की बस्ती में लिरिक्स

जीवन है तेरे हवाले, मुरलिया वाले लिरिक्स

जब कोई ना संभाले, संभालता है श्याम लिरिक्स